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गजल (तू क्या जाने दर्द हमारा)

तू क्या जाने दर्द हमारा , तू तो अब बेदर्द बनी राह मे मुझको छोड़ अकेला ,जाने तू किसी ओर चली  तू क्या जाने दर्द हमारा--------------------------------        आकर देख ले हाल मेरा ,असक न मेरे थमते है          तेरी जुदाई को कैसे ,हम तो आज यह सहते हैं     अपराध किया ना जो मैंने ,क्यों सजा सुनाकर उसकी चली        तू क्या जाने  दर्द हमारा ---------------------------- आती थी तू पास मेरे, इतना ही तू कहती थी  तेरे बिना न जीवन है यह, मेरे लिए तू जीती थी  कहां  गए वो कसमे वादे ,जिनको तू अब भूल चली  तू क्या जाने दर्द हमारा-------------------------------      मुझको अब भी हर पल तेरी ,याद बहुत ही आती है        रस्ता देखे दिल बस तेरा , और ना कुछ भी भाता है       जो गुजरा ना दोष यह तेरा ,किस्मत प्रभात की रूठ चली      तू क्या जाने दर्द हमारा , तू तो अब बेदर्द बनी     रहा में मुझको छोड़ अकेला , न जाने तू किस और चली   ...

आरती (हिन्दी) दया कर दो प्रभु मुझ पर

दया कर दो प्रभु मुझ पर, सहारा आपका मुझको  शरण में मैं पड़ा हूं अब, सहारा आपका मुझको  दया कर दो प्रभु मुझ पर-----------------------        है जग में क्या प्रभु ऐसा ,जो तुम कर नहीं सकते         खड़ा हो दर जो तेरे ,तुम ठोकर दे नहीं सकते        न जग में और कोई दूजा ,सहारा आपका मुझको          शरण में मैं पड़ा हूं ---–------------------------  घिरा हूं मैं मुसीबत से ,मेरा उद्धार तुम कर दो फंसी मझधार में नैया ,उसे तुम पार अब कर दो  सुनो बिनती प्रभु मेरी , सहारा आपका मुझको  शरण में मैं  पड़ा हू----------------------------       तेरी नजरों में प्रभु वर, कोई छोटा ना होता है         पुकारे जो तुझे दिल से ,तू उसके पास होता है        यह नजरें देखती रास्ता ,सहारा आपका मुझको        शरण में प्रभात पड़ा हैै----------------------------                     ...

गजल ( हिन्दी ) जा रहा तेरी दुनिया से

जा रहा तेरी दुनिया से, खुश तुम रहो  प्यार पाओ सदा ,ना तुम आंसू भरो  जा रहा तेरी दुनिया से --------------          जिंदगी में किसे ,ना यह गम है मिला          प्यार जिसने किया ,उसको आंसू मिला -2           पी रहा आसू मैं ,न यह गम तुम करो             जा रहा तेरी दुनिया से ---------------- वक्त ढल जाता है ,ना वो आता है कल आस रह जाती है, सब चला जाता संग -2 आस मेरी जली ,यह खुशी तुम सहो जा रहा तेरी दुनिया -----------------           सोचते हैं सभी, ना किसी को मिला           आज जग से रही ,ना कोई मेरी गिला -2          मौत चाही मैंने  ,ना तुम गम यह करो          जा रहा तेरी दुनिया से --------------- फूल चुनते हैं सब, काटे लेते नहीं  कौन हो तुम मेरे , गैरो से कहते यही 2  आज मैंने सुना , ना यह तुम कल सुनो जा रहा तेरी दुनिया से ,खुश तुम रहो  प्यार पाओ सदा ,न तुम...

गजल (हिन्दी) मुबारक तुम्हे हो नया अब जमाना

मुबारक तुम्हें हो, नया अब जमाना  ना आएगा साथी, यह दर पर दुबारा  मुबारक है तुम्हें हो------------------          न अफसोस करना ,न अफसोस मुझको           खुशी तूने पाई ,खुशी आज दिल को            मिटा दूंगा लव से, तेरा वो फसाना             मुबारक तुम्हें हो नया --------------- ना दिल में कभी एक, गम तुम लाना  हो गम पास जितने, वो मुझको पिलाना   न है वक्त पहला, यह गुजरा दोबारा मुबारक तुम्हे हो नया -----------------             जो तुमने कहा है ,सदा याद होगा              न लब पर मेरे अब ,तेरा नाम होगा              मेरे गम की दुनिया में ,आंसू सहारा               मुबारक तुम्हें हो नया -----------------                                  ...

गजल (मै ना मांगू कुछ भी तुझसे)

मैं ना मांगू कुछ भी तुझसे, इतना कर्म निभा जाना  अर्थी मेरी जाए तब ,आंचल अपना दे जाना  मैं ना मांगू कुछ भी तुझसे-----------------         मैंने तुझसे प्यार किया था, यूं ही प्यार निभाऊंगा          माना खुदा तुम्हें अपना, मैं पूजा करता जाऊंगा        जब टूटने लगे सांसे मेरी, तब इतनी आश बंधा जाना          अर्थी मेरी जाए तब ----------------------- होता है जो प्यार में वो ,मेरे साथ भी कल होगा  आंसुओं होगे पास मेरे और ,दर्द का दामन भी होगा  सजने लगे चिता मेरी  जब, कफन मुझे तुमसे दे जाना  अर्थी मेरी जाए तब--------------------------           रोएंगे कुछ लोग यहां ,कोई तो खुशी मनाएगा          मंदिर होंगे कुछ लोग यहां ,कुछ दर्द मुझे पहुंचाएगा          रोए दुनिया सारी जब तब आंसू अपने ना लाना       अर्थी मेरी जाए तब, आंचल अपना दे जाना------                ...

आरती (जगदंबे जगत जननी )

जगदंबे जगत जननी ,मुझ पर यह दया कर दे  तेरे द्वारे खड़ा हूं माँ ,उद्धार मेरा कर दे  जगदंबे जगत जननी ----------------         तेरा द्वार है पावन माँ ,तू जग की है माता          तेरी शरण में आता जो ,वह दुख न कोई पाता         माँ लेकर शरण मुझको , उद्धार मेरा कर दे            जगदंबे जगत जननी ----------------------- जब भी कोई माँ को बुलाता , माँ तू तो आती है  माँ बनकर सब का तो , तू दर्द मिटाती है  माँ दर्द के आंसू अब, मेरे भी माँ हर दें  जगदंबे जगत जननी ---------------------             प्रभात का दिल माता,बस यह ही कहता है              चरणों से ना दूर करो ,विनती यह करता है              माँ शरण में बस रखना ,इतनी तो दया कर दे              जगदंबे जगत जननी ,मुझ पर यह दया कर दे             तेरे द्वार खड़ा हूं मां ,...

हास्य व्यंग

क्लास में एक अध्यापिका,   छात्रों के समूह खड़ी है  एक हाथ में चाक और,   दूसरे हाथ में पतली छड़ी है  इसी अदा के साथ मुख पर ,  लेक्चरो की झड़ी है  एक के बाद एक बातें सिखाते जाती है  इसी के साथ झूठ बोलना पाप है ,  यह बताती जाती है  तभी दरवाजे से आवाज आई,   माफ करना मैडम यह कहती ,  विद्यालय की नौकरानी  अध्यापिका के पास आई  बोली मैडम किसी ने याद किया है ,  पूछने पर कुछ ना बताया लेकिन,   शक्ल से दूध वाला लगा है  इतना सुनते ही मैडम के माथे पर,   पसीना छलकने लगा  पैसे का वादा किया था ,  यह मन ही मन खटकने लगा  वक्त था कम और समस्या थी भारी ,  कुछ समझ न सकी वो वादे की हारी तभी उसके मुंह से आवाज आई  कह दो कि मैडम है नहीं ,  यह कहकर मैडम ने जान बचाई  अभी राहत की एक सास ,  आ भी ना पाई थी  कि एक छात्र उठकर बोला  झूठ बोलना पाप है ,यह आपने कहा था  झूठ खुद बोला आपने  फिर क्यों आपको ना पाप लगा है             ...

गजल (हिन्दी) हाल जैसा हुआ है हमारा

हाल जैसा  हुआ है हमारा ,हाल ना यह किसी का  होये  जैसे रोया दिल यह हमारा, ऐसा दिल ना किसी का  रोए  हाल जैसा हुआ है हमारा  क्या यह खता थी हमारी, प्यार उनको सदा ही किया था  प्यार को ही पूजा समझी, सब अपना कुर्बा किया था जैसी खाई ठोकर मैंने, ऐसी हालत किसी की ना होये जैसे रोया है दिल है हमारा -------------+---------- दूर बैठे हैं मुझसे वो इतने ,फिर भी दिल उनको बुलाएं  जख्म खाए हजारों है मैंने ,फिर भी दिल न उन्हें भूल पाए  जैसे तड़पा यादों में मैं , ऐसा दिल न किसी का होये हाल जैसा हुआ है हमारा------------------------  प्रभात करता दुआ उस रब से , जीवन खुशियों से उनका भरे अरमा हो जो दिल मे उनके, अरमा पूरे वो रब सब करे जैसे पाया साथी  मैंने, ऐसा साथी किसी का ना होए  हाल ऐसा हुआ है हमारा , -------------------                            ( प्रभात द्विवेदी) 

भक्ति गीत (हिन्दी) मेरे भोले भण्डारी

मेरे भोले भंडारी , मेरे भोले भंडारी अब तो आ जाओ ,मुझ पर भी विपदा है भारी  मेरे भोले भंडारी मेरे भोले भंडारी ---------        जगत पिता जगदीश्वर मेरे ,तुम हो जगत रचयिता         बिन इच्छा के इस जग मे प्रभु, कुछ भी ना है होता          मेरी नैया पार करो ,जग के हे पालन हारी          मेरे भोले भंडारी ---------------------- शरण तुम्हारी जब से आए ,कुछ भी ना  अब भाये  हाथ तुम अपना रख दो सर पर ,और कहां हम जाएं  कहता जग यह सारा प्रभु ,तेरी महिमा है भारी  मेरे भोले भंडारी -----------------------           दुनिया तेरी शक्ति जाने ,तुझको देव ही माने        शीश जटा और हाथ त्रिसूल है ,गले में नाग को डाले         मेरी इच्छा पूर्ण करो है , हे कैलाश के भस्म धारी        मेरे भोले भंडारी मेरे भोले भंडारी----------------                         ...

भक्ति गीत ( हिन्दी) सहारा देना हे भगवन

सहारा देना हे भगवन ,सहारा मांगने आया हूं  हाथ मेरे है खाली ,कुछ ना साथ में लाया हूं  सहारा देना हे भगवन -----------------    कहती दुनिया जगत पिता तू ,तेरी शक्ति निराली     आए तेरे दर पर जो भी,  हाथ ना जाए खाली     बिनती सुनना हे भगवन ,यही मैं कहने आया हूं      हाथ मेरे है खाली, कुछ ना साथ में लाया हूं     सहारा देना हे भगवन ---------------------- क्या मांगू मैं तुमसे भगवन ,तू तो सब कुछ जाने  तेरी महिमा बड़ी निराली ,सबको तू पहचाने  मेरी आश करो पूरी, यही मैं आशा लाया हूं  हाथ मेरे है खाली ,कुछ ना साथ में लाया हूं  सहारा देना हे भगवन --------------------------      शरण में तेरी जो कोई आता  भवसागर तर जावे       हाथ तेरा हो सर पर जिसके, विपदा पास ना आवे      प्रभुवर सुन लो करुण पुकार ,यही मैं साथ में लाया हूं      हाथ प्रभात के खाली ,कुछ ना साथ में लाया हूं      सहारा देना हे भगवन-------------------------   ...

भक्ति गीत (हिन्दी) आन बचाओ लाज बचाओ

आन बचाओ लाज बचाओ ,विनती मेरी सुन जाओ  मुझ पर विपदा आन पड़ी प्रभु ,अपनी महिमा दिखलाओ  आन बचाओ लाज बचाओ -------------------------         भूत पिशाच तुम्हें है प्यारे ,सर्प की माला गले में डाले          चाद भी तेरे सर पर साजे ,  जटा मे तेरी गंगा साजे         जग के संकट हरने वाले, मेरे संकट हर जाओ           आन बचाओ लाज बचाओ --------------------------  सबको अमृत देकर तूने ,जगकी खातिर विष पी डाला  सबको तूने राज दिया, कैलाश पर अपना डेरा डाला जग की रक्षा करने वाले ,मुझको पार भी कर जाओ  आना बचाओ लाज बचाओ ---------------------------         जग मे तुमको सब कोई जाने ,तेरी शक्ति को पहचाने         तीन देव मे एक देव तू , भोला नाम से मुझे तुझको जाने  भक्तों पर दया को करने वाले, प्रभात पर हाथ भी रख जाओ      आन बचाओ लाज बचाओ------------------------                     ...

गजल (हिन्दी) कोई जाकर के उनसे अब कह दो

कोई जाकर के उनसे अब कह दो ,अर्थी काधो पर जा रही है  अरमान उनका अब पूरा हुआ है ,खुशियां मिलने उन्हें जा रही हैं  कोई जा करके उनसे अब कह दो ------------------------- भार सिंदूर का था जो अब तक  ,आगे उनको ना धोना पड़ेगा     चुभन माथे पर बिंदी की थी , दर्द उसका न सहना पड़ेगा  चूड़ी रख दो हाथों से अब तो  ,खनक मिटने अब जा रही है कोई जा करें कि उनसे अब कह दो-------------------------  प्यार की ना अब सौगात होगी ,अरमा कोई ना मेरा सजेगा मेरा क्या है हक तुम पर अब  ,कफन मेरा न सर से हटेगा  सात फेरों का बंधन अब टूटा  इससे मुक्ति मिली जा रही है कोई जाकर के उनसे अब कह दो ,अर्थी काधों पर जा रही है अरमा उनका पूराहुआ है  खुशियां मिलने उन्हें जा रहे हैं                                      (प्रभात द्विवेदी) 

गजल (हिन्दी) तोहफा मोहब्बतों का

तोहफा मोहब्बतो का ,मेरे यार क्या दिया है  चाहा था मैंने तुमको  तूने गम है क्यों दिया है  तोहफा मोहब्बत का ----------------------------            मांगा ना मैंने कुछ भी ,एक पल का साथ मांगा             एक बार तो तू कह दे , मैंने है तुमको चाहा            हर पल में आज तड़पा  तूने काम वह किया है             तोहफा मोहब्बतों का------+----------------  दुनिया में था अकेला, पर साथ तेरा पाया  ठोकर लगी इस दिल को, पर तुमको न भूल पाया  भूला है क्यों तू मुझको, क्यों दर्द यह दिया है  तोहफा मोहब्बतों का----------------------------            हर पल मै साथ था फिर, वक्त क्यों यह आया             मुझसे हुई खता क्या ,मैं जान ना यह पाया             हंस-हंसकर यूं रुलाया ,तूने प्यार यह दिया है             तोहफा मोहब्...

गजल (हिन्दी) फूलो पर वो चले

फूलों पर वो चले बस, इतना ही मैं कहूंगा  उनकी खुशी के खातिर, हर गम को मैं सहूगा  फूलों पर वो चले बस ------------------------             बेदर्दी बेवफा है ,फिर भी तो वह खुदा है              उसने ना चाहा मुझको, उसकी तो यह जुबा है             ना गुजरे उस पर ऐसा , बस यह दुआ करूंगा              फूलों पर वह चले बस----------------------   अपनी खुशी की खातिर ,इल्जाम  हर लगाया  कल तक के थे जो पराये,दिल से उन्हें लगाया  दिल उनका ना अब टूटे , यह ही सदा कहूंगा  फूलों पर वो चले बस ---------------------------            रोता हूं और सिसकता ,फिर भी न दिल कुछ कहता            महफिल सजे तुम्हारी , दिल हर पल यह ही कहता             ना असक  एक आये,  दिल से दुआ करूंगा             फूलों पर वो चले बस--------...

गजल (हिन्दी) मौत की खबर जब

मौत की खबर जब, द्वार तेरे जाएगी  सुन कर खुशी से तू ,पागल सी हो जाएगी  मौत की खबर जब ------------------------         द्वार पर तेरे जब ,साथी मेरा जाएगा          मौत का पैगाम ,तेरे हाथों में थमायगा         पढ़कर पैगाम तू, खुशियां मनाएंगी         जग मे खुशी से तू, पागल सी हो जाएगी           मौत की खबर जब द्वारे ------------------ अश्कों के मोती जब ,लाखों के बहेगे तेरे मन खुशियों के ,दीप जलेगे  आश तो तेरी सब ,पूरी हो जाएगी  अर्थी जब मेरी , काधो पर आएगी  मौत की खबर -----------------------          अर्थी जब मेरी ,तेरे दर पर से जाएगी            खुशियां ना तेरी तेरे ,दिल में समायगी           दौड़ कर साथी तू, मंदिर को जाएगा            खुशियों का प्रसाद ,सभी को खिलाएगा             मौत की खबर जब -------------------- आ...

गजल (हिन्दी) सजा को सुनाकर

सजा को सुनाकर ,तुम चल दिए हो  सांसे है बाकी पर, कफन दे दिए हो  सजा को सुनाकर ---------------------          क्या कसमे थी तेरी , क्या तेरे वादे           आए नजर ना कुछ ,तेरे इरादे           सजकर सभरकर ,तुम चल दिए हो            सांसे बाकी पर,_---------------------- यह दस्तूर कैसा, यह पैगाम कैसा समझ में ना आए ,यह इल्जाम कैसा मेरा फैसला यह, क्या कर दिए हो  सांसे बाकी पर ----------------------            तुमने कहा था, यह तन मन तुम्हारा            जीवन बचाया यह,जीवन तुम्हारा              फिर यह सितम,क्यों कर दिए हो             सांसे हैं बाकी पर ,कफन दे दिए हो            सजा को सुना करो तुम चल दिए हो                                   ...

गजल (हिन्दी) जीवन का तक़दीर से रिश्ता

जीवन का तकदीर से रिश्ता, देखो कैसे छूट गया  मैंने जिसको जितना चाहा ,वो ही मुझसे रूठ गया  जीवन का तकदीर से रिश्ता           खता हुई क्या मुझसे ऐसी ,मैं तो जान न पाया था          क्यों इतने इल्जाम मिले ,मैं यह समझ ना पाया था           जीता था जो मेरे खातिर ,वो ही नजरें फेर गया है           जीवन का तकदीर से रिश्ता देखो -----------------  कल तक मेरी खातिर जो ,अपना वक्त बिताते थे  मेरे लिए वो जीते थे ,और मुझ पर जान लुटाते थे  आज वही इंसान तो देखो, मेरा सब कुछ लुट गया  जीवन का तकदीर से रिश्ता देखो ------------------         कहता था वह कल तक मुझसे, यह जीवन बस तेरा है        पत्थर से इंसान बनाया ,सब कुछ बस अब तेरा है      फिर क्या पल में ऐसा हुआ, जो कफन उड़ा कर चला गया        जीवन का तकदीर से रिश्ता--------------------------  कसमे वादे सारे रिश्ते ,उसको याद ना आते हैं ...

गजल Gazal (हिंदी)। रिश्ता यह दर्द का ।

 यह दर्द का क्यों ,मैंने है तुमसे पाया   तुम हो गए पराए ,मैं जान भी ना पाया  -२ रिश्ता है दर्द का क्यों.......................        थी जो खता हमारी ,मुझको तो यह बताते        थी जो कसम तुम्हारी ,एक बार उसको लाते -२        मन में क्या आया तेरे ,मैं तो समझ न पाया        रिश्ता यह दर्द का क्यों ........................  विस्वास को हमारे ,किसकी नजर लगी है  रोता हूं हर पल मै तू ,हंसती हुई खड़ी है -२ क्या पाया जग में ऐसा ,मैं तो न जान पाया  रिश्ता यह दर्द का क्यों ...........................          किस्मत का खेल है ऐसा, जिसमें तो मै फसा हूं          इल्जाम है हजारों ,माथे पर ले खड़ा हूं -२         क्या दोष है हमारा ,अब तक न जान पाया          रिश्ता यह दर्द का क्यों .........................  तू खुश रहे सदा ही, जीवन भर यह कहूंगा  जाता हूं जग से तेरे ,अब फिर ना मैं मिलूंगा -२...

राजनैतिक हास्य व्यंग(हिन्दी)। वोटो के दौर में।

वोटों के दौर में, अपनी तारीफों के होड़ में  एक बार एक नेता जी, मेरे कस्बे में आए उनके साथ उनके कुछ चमचे भी उनके साथ आए  प्रभात ने सोचा, क्यों ना नेताजी को सुना जाए  राजनीत देखी लाखों की, इन पर भी समय बर्बाद किया जाए  इसी लालसा में मैं, आगे बढ़ता गया  धीरे-धीरे स्टेज तक पहुंचता गया,  तभी स्टेज से एक जोरदार आवाज आई नेता जी की जय हो, एक चमचे ने आवाज लगाई  इसी जयकारे के साथ, नेताजी खादी लपेटे स्टेज पर आ गए                               माइक पर हाथ जोड़ कर बोले  मैं 5 साल बाद फिर आपके दर पर आया हूं  थोड़ी झोली खाली है, उसको भरने आया हूं  पहले चुनाव में वोट देकर, आपने मुझको जिताया था  फिर 5 साल तक हमें, आपका चेहरा ना याद आया था  बस आज भी एक वोट का सवाल है मुझको अपना वादा याद है  मैं इस दुनिया से बेरोजगारी मिटा दूंगा  सभी को रोजगार दिलाऊंगा  और इसी बेरोजगारी में मैं भी लाखो कमाऊंगा  मुझे एक मौका और दिला देना, मेरे साथ पुस्तो की बेरोजगार...