गजल (हिन्दी) मौत की खबर जब
मौत की खबर जब, द्वार तेरे जाएगी
सुन कर खुशी से तू ,पागल सी हो जाएगी
मौत की खबर जब ------------------------
द्वार पर तेरे जब ,साथी मेरा जाएगा
मौत का पैगाम ,तेरे हाथों में थमायगा
पढ़कर पैगाम तू, खुशियां मनाएंगी
जग मे खुशी से तू, पागल सी हो जाएगी
मौत की खबर जब द्वारे ------------------
अश्कों के मोती जब ,लाखों के बहेगे
तेरे मन खुशियों के ,दीप जलेगे
आश तो तेरी सब ,पूरी हो जाएगी
अर्थी जब मेरी , काधो पर आएगी
मौत की खबर -----------------------
अर्थी जब मेरी ,तेरे दर पर से जाएगी
खुशियां ना तेरी तेरे ,दिल में समायगी
दौड़ कर साथी तू, मंदिर को जाएगा
खुशियों का प्रसाद ,सभी को खिलाएगा
मौत की खबर जब --------------------
आग लगेगी जब चिता में मेरी
तेरे घर घी के दीप जलेगे
मन की मुरादे तेरी ,पूरी हो जाएंगी
जिस्म को मेरे जब ,खाक में तू पाएगी
मौत की खबर द्वार तेरे जाएगी
सुनकर खुशी से तू ,पागल सी हो जाएगी
( प्रभात द्विवेदी)
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