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गजल (हिन्दी) मुबारक तुम्हे हो नया अब जमाना

मुबारक तुम्हें हो, नया अब जमाना  ना आएगा साथी, यह दर पर दुबारा  मुबारक है तुम्हें हो------------------          न अफसोस करना ,न अफसोस मुझको           खुशी तूने पाई ,खुशी आज दिल को            मिटा दूंगा लव से, तेरा वो फसाना             मुबारक तुम्हें हो नया --------------- ना दिल में कभी एक, गम तुम लाना  हो गम पास जितने, वो मुझको पिलाना   न है वक्त पहला, यह गुजरा दोबारा मुबारक तुम्हे हो नया -----------------             जो तुमने कहा है ,सदा याद होगा              न लब पर मेरे अब ,तेरा नाम होगा              मेरे गम की दुनिया में ,आंसू सहारा               मुबारक तुम्हें हो नया -----------------                                  ...

गजल (मै ना मांगू कुछ भी तुझसे)

मैं ना मांगू कुछ भी तुझसे, इतना कर्म निभा जाना  अर्थी मेरी जाए तब ,आंचल अपना दे जाना  मैं ना मांगू कुछ भी तुझसे-----------------         मैंने तुझसे प्यार किया था, यूं ही प्यार निभाऊंगा          माना खुदा तुम्हें अपना, मैं पूजा करता जाऊंगा        जब टूटने लगे सांसे मेरी, तब इतनी आश बंधा जाना          अर्थी मेरी जाए तब ----------------------- होता है जो प्यार में वो ,मेरे साथ भी कल होगा  आंसुओं होगे पास मेरे और ,दर्द का दामन भी होगा  सजने लगे चिता मेरी  जब, कफन मुझे तुमसे दे जाना  अर्थी मेरी जाए तब--------------------------           रोएंगे कुछ लोग यहां ,कोई तो खुशी मनाएगा          मंदिर होंगे कुछ लोग यहां ,कुछ दर्द मुझे पहुंचाएगा          रोए दुनिया सारी जब तब आंसू अपने ना लाना       अर्थी मेरी जाए तब, आंचल अपना दे जाना------                ...

आरती (जगदंबे जगत जननी )

जगदंबे जगत जननी ,मुझ पर यह दया कर दे  तेरे द्वारे खड़ा हूं माँ ,उद्धार मेरा कर दे  जगदंबे जगत जननी ----------------         तेरा द्वार है पावन माँ ,तू जग की है माता          तेरी शरण में आता जो ,वह दुख न कोई पाता         माँ लेकर शरण मुझको , उद्धार मेरा कर दे            जगदंबे जगत जननी ----------------------- जब भी कोई माँ को बुलाता , माँ तू तो आती है  माँ बनकर सब का तो , तू दर्द मिटाती है  माँ दर्द के आंसू अब, मेरे भी माँ हर दें  जगदंबे जगत जननी ---------------------             प्रभात का दिल माता,बस यह ही कहता है              चरणों से ना दूर करो ,विनती यह करता है              माँ शरण में बस रखना ,इतनी तो दया कर दे              जगदंबे जगत जननी ,मुझ पर यह दया कर दे             तेरे द्वार खड़ा हूं मां ,...

हास्य व्यंग

क्लास में एक अध्यापिका,   छात्रों के समूह खड़ी है  एक हाथ में चाक और,   दूसरे हाथ में पतली छड़ी है  इसी अदा के साथ मुख पर ,  लेक्चरो की झड़ी है  एक के बाद एक बातें सिखाते जाती है  इसी के साथ झूठ बोलना पाप है ,  यह बताती जाती है  तभी दरवाजे से आवाज आई,   माफ करना मैडम यह कहती ,  विद्यालय की नौकरानी  अध्यापिका के पास आई  बोली मैडम किसी ने याद किया है ,  पूछने पर कुछ ना बताया लेकिन,   शक्ल से दूध वाला लगा है  इतना सुनते ही मैडम के माथे पर,   पसीना छलकने लगा  पैसे का वादा किया था ,  यह मन ही मन खटकने लगा  वक्त था कम और समस्या थी भारी ,  कुछ समझ न सकी वो वादे की हारी तभी उसके मुंह से आवाज आई  कह दो कि मैडम है नहीं ,  यह कहकर मैडम ने जान बचाई  अभी राहत की एक सास ,  आ भी ना पाई थी  कि एक छात्र उठकर बोला  झूठ बोलना पाप है ,यह आपने कहा था  झूठ खुद बोला आपने  फिर क्यों आपको ना पाप लगा है             ...

गजल (हिन्दी) हाल जैसा हुआ है हमारा

हाल जैसा  हुआ है हमारा ,हाल ना यह किसी का  होये  जैसे रोया दिल यह हमारा, ऐसा दिल ना किसी का  रोए  हाल जैसा हुआ है हमारा  क्या यह खता थी हमारी, प्यार उनको सदा ही किया था  प्यार को ही पूजा समझी, सब अपना कुर्बा किया था जैसी खाई ठोकर मैंने, ऐसी हालत किसी की ना होये जैसे रोया है दिल है हमारा -------------+---------- दूर बैठे हैं मुझसे वो इतने ,फिर भी दिल उनको बुलाएं  जख्म खाए हजारों है मैंने ,फिर भी दिल न उन्हें भूल पाए  जैसे तड़पा यादों में मैं , ऐसा दिल न किसी का होये हाल जैसा हुआ है हमारा------------------------  प्रभात करता दुआ उस रब से , जीवन खुशियों से उनका भरे अरमा हो जो दिल मे उनके, अरमा पूरे वो रब सब करे जैसे पाया साथी  मैंने, ऐसा साथी किसी का ना होए  हाल ऐसा हुआ है हमारा , -------------------                            ( प्रभात द्विवेदी) 

भक्ति गीत (हिन्दी) मेरे भोले भण्डारी

मेरे भोले भंडारी , मेरे भोले भंडारी अब तो आ जाओ ,मुझ पर भी विपदा है भारी  मेरे भोले भंडारी मेरे भोले भंडारी ---------        जगत पिता जगदीश्वर मेरे ,तुम हो जगत रचयिता         बिन इच्छा के इस जग मे प्रभु, कुछ भी ना है होता          मेरी नैया पार करो ,जग के हे पालन हारी          मेरे भोले भंडारी ---------------------- शरण तुम्हारी जब से आए ,कुछ भी ना  अब भाये  हाथ तुम अपना रख दो सर पर ,और कहां हम जाएं  कहता जग यह सारा प्रभु ,तेरी महिमा है भारी  मेरे भोले भंडारी -----------------------           दुनिया तेरी शक्ति जाने ,तुझको देव ही माने        शीश जटा और हाथ त्रिसूल है ,गले में नाग को डाले         मेरी इच्छा पूर्ण करो है , हे कैलाश के भस्म धारी        मेरे भोले भंडारी मेरे भोले भंडारी----------------                         ...

भक्ति गीत ( हिन्दी) सहारा देना हे भगवन

सहारा देना हे भगवन ,सहारा मांगने आया हूं  हाथ मेरे है खाली ,कुछ ना साथ में लाया हूं  सहारा देना हे भगवन -----------------    कहती दुनिया जगत पिता तू ,तेरी शक्ति निराली     आए तेरे दर पर जो भी,  हाथ ना जाए खाली     बिनती सुनना हे भगवन ,यही मैं कहने आया हूं      हाथ मेरे है खाली, कुछ ना साथ में लाया हूं     सहारा देना हे भगवन ---------------------- क्या मांगू मैं तुमसे भगवन ,तू तो सब कुछ जाने  तेरी महिमा बड़ी निराली ,सबको तू पहचाने  मेरी आश करो पूरी, यही मैं आशा लाया हूं  हाथ मेरे है खाली ,कुछ ना साथ में लाया हूं  सहारा देना हे भगवन --------------------------      शरण में तेरी जो कोई आता  भवसागर तर जावे       हाथ तेरा हो सर पर जिसके, विपदा पास ना आवे      प्रभुवर सुन लो करुण पुकार ,यही मैं साथ में लाया हूं      हाथ प्रभात के खाली ,कुछ ना साथ में लाया हूं      सहारा देना हे भगवन-------------------------   ...

भक्ति गीत (हिन्दी) आन बचाओ लाज बचाओ

आन बचाओ लाज बचाओ ,विनती मेरी सुन जाओ  मुझ पर विपदा आन पड़ी प्रभु ,अपनी महिमा दिखलाओ  आन बचाओ लाज बचाओ -------------------------         भूत पिशाच तुम्हें है प्यारे ,सर्प की माला गले में डाले          चाद भी तेरे सर पर साजे ,  जटा मे तेरी गंगा साजे         जग के संकट हरने वाले, मेरे संकट हर जाओ           आन बचाओ लाज बचाओ --------------------------  सबको अमृत देकर तूने ,जगकी खातिर विष पी डाला  सबको तूने राज दिया, कैलाश पर अपना डेरा डाला जग की रक्षा करने वाले ,मुझको पार भी कर जाओ  आना बचाओ लाज बचाओ ---------------------------         जग मे तुमको सब कोई जाने ,तेरी शक्ति को पहचाने         तीन देव मे एक देव तू , भोला नाम से मुझे तुझको जाने  भक्तों पर दया को करने वाले, प्रभात पर हाथ भी रख जाओ      आन बचाओ लाज बचाओ------------------------                     ...

गजल (हिन्दी) कोई जाकर के उनसे अब कह दो

कोई जाकर के उनसे अब कह दो ,अर्थी काधो पर जा रही है  अरमान उनका अब पूरा हुआ है ,खुशियां मिलने उन्हें जा रही हैं  कोई जा करके उनसे अब कह दो ------------------------- भार सिंदूर का था जो अब तक  ,आगे उनको ना धोना पड़ेगा     चुभन माथे पर बिंदी की थी , दर्द उसका न सहना पड़ेगा  चूड़ी रख दो हाथों से अब तो  ,खनक मिटने अब जा रही है कोई जा करें कि उनसे अब कह दो-------------------------  प्यार की ना अब सौगात होगी ,अरमा कोई ना मेरा सजेगा मेरा क्या है हक तुम पर अब  ,कफन मेरा न सर से हटेगा  सात फेरों का बंधन अब टूटा  इससे मुक्ति मिली जा रही है कोई जाकर के उनसे अब कह दो ,अर्थी काधों पर जा रही है अरमा उनका पूराहुआ है  खुशियां मिलने उन्हें जा रहे हैं                                      (प्रभात द्विवेदी)