गजल (हिन्दी) मुबारक तुम्हे हो नया अब जमाना
मुबारक तुम्हें हो, नया अब जमाना ना आएगा साथी, यह दर पर दुबारा मुबारक है तुम्हें हो------------------ न अफसोस करना ,न अफसोस मुझको खुशी तूने पाई ,खुशी आज दिल को मिटा दूंगा लव से, तेरा वो फसाना मुबारक तुम्हें हो नया --------------- ना दिल में कभी एक, गम तुम लाना हो गम पास जितने, वो मुझको पिलाना न है वक्त पहला, यह गुजरा दोबारा मुबारक तुम्हे हो नया ----------------- जो तुमने कहा है ,सदा याद होगा न लब पर मेरे अब ,तेरा नाम होगा मेरे गम की दुनिया में ,आंसू सहारा मुबारक तुम्हें हो नया ----------------- ...