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अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गजल (हिन्दी) तोहफा मोहब्बतों का

तोहफा मोहब्बतो का ,मेरे यार क्या दिया है  चाहा था मैंने तुमको  तूने गम है क्यों दिया है  तोहफा मोहब्बत का ----------------------------            मांगा ना मैंने कुछ भी ,एक पल का साथ मांगा             एक बार तो तू कह दे , मैंने है तुमको चाहा            हर पल में आज तड़पा  तूने काम वह किया है             तोहफा मोहब्बतों का------+----------------  दुनिया में था अकेला, पर साथ तेरा पाया  ठोकर लगी इस दिल को, पर तुमको न भूल पाया  भूला है क्यों तू मुझको, क्यों दर्द यह दिया है  तोहफा मोहब्बतों का----------------------------            हर पल मै साथ था फिर, वक्त क्यों यह आया             मुझसे हुई खता क्या ,मैं जान ना यह पाया             हंस-हंसकर यूं रुलाया ,तूने प्यार यह दिया है             तोहफा मोहब्...

गजल (हिन्दी) फूलो पर वो चले

फूलों पर वो चले बस, इतना ही मैं कहूंगा  उनकी खुशी के खातिर, हर गम को मैं सहूगा  फूलों पर वो चले बस ------------------------             बेदर्दी बेवफा है ,फिर भी तो वह खुदा है              उसने ना चाहा मुझको, उसकी तो यह जुबा है             ना गुजरे उस पर ऐसा , बस यह दुआ करूंगा              फूलों पर वह चले बस----------------------   अपनी खुशी की खातिर ,इल्जाम  हर लगाया  कल तक के थे जो पराये,दिल से उन्हें लगाया  दिल उनका ना अब टूटे , यह ही सदा कहूंगा  फूलों पर वो चले बस ---------------------------            रोता हूं और सिसकता ,फिर भी न दिल कुछ कहता            महफिल सजे तुम्हारी , दिल हर पल यह ही कहता             ना असक  एक आये,  दिल से दुआ करूंगा             फूलों पर वो चले बस--------...

गजल (हिन्दी) मौत की खबर जब

मौत की खबर जब, द्वार तेरे जाएगी  सुन कर खुशी से तू ,पागल सी हो जाएगी  मौत की खबर जब ------------------------         द्वार पर तेरे जब ,साथी मेरा जाएगा          मौत का पैगाम ,तेरे हाथों में थमायगा         पढ़कर पैगाम तू, खुशियां मनाएंगी         जग मे खुशी से तू, पागल सी हो जाएगी           मौत की खबर जब द्वारे ------------------ अश्कों के मोती जब ,लाखों के बहेगे तेरे मन खुशियों के ,दीप जलेगे  आश तो तेरी सब ,पूरी हो जाएगी  अर्थी जब मेरी , काधो पर आएगी  मौत की खबर -----------------------          अर्थी जब मेरी ,तेरे दर पर से जाएगी            खुशियां ना तेरी तेरे ,दिल में समायगी           दौड़ कर साथी तू, मंदिर को जाएगा            खुशियों का प्रसाद ,सभी को खिलाएगा             मौत की खबर जब -------------------- आ...

गजल (हिन्दी) सजा को सुनाकर

सजा को सुनाकर ,तुम चल दिए हो  सांसे है बाकी पर, कफन दे दिए हो  सजा को सुनाकर ---------------------          क्या कसमे थी तेरी , क्या तेरे वादे           आए नजर ना कुछ ,तेरे इरादे           सजकर सभरकर ,तुम चल दिए हो            सांसे बाकी पर,_---------------------- यह दस्तूर कैसा, यह पैगाम कैसा समझ में ना आए ,यह इल्जाम कैसा मेरा फैसला यह, क्या कर दिए हो  सांसे बाकी पर ----------------------            तुमने कहा था, यह तन मन तुम्हारा            जीवन बचाया यह,जीवन तुम्हारा              फिर यह सितम,क्यों कर दिए हो             सांसे हैं बाकी पर ,कफन दे दिए हो            सजा को सुना करो तुम चल दिए हो                                   ...

गजल (हिन्दी) जीवन का तक़दीर से रिश्ता

जीवन का तकदीर से रिश्ता, देखो कैसे छूट गया  मैंने जिसको जितना चाहा ,वो ही मुझसे रूठ गया  जीवन का तकदीर से रिश्ता           खता हुई क्या मुझसे ऐसी ,मैं तो जान न पाया था          क्यों इतने इल्जाम मिले ,मैं यह समझ ना पाया था           जीता था जो मेरे खातिर ,वो ही नजरें फेर गया है           जीवन का तकदीर से रिश्ता देखो -----------------  कल तक मेरी खातिर जो ,अपना वक्त बिताते थे  मेरे लिए वो जीते थे ,और मुझ पर जान लुटाते थे  आज वही इंसान तो देखो, मेरा सब कुछ लुट गया  जीवन का तकदीर से रिश्ता देखो ------------------         कहता था वह कल तक मुझसे, यह जीवन बस तेरा है        पत्थर से इंसान बनाया ,सब कुछ बस अब तेरा है      फिर क्या पल में ऐसा हुआ, जो कफन उड़ा कर चला गया        जीवन का तकदीर से रिश्ता--------------------------  कसमे वादे सारे रिश्ते ,उसको याद ना आते हैं ...

गजल Gazal (हिंदी)। रिश्ता यह दर्द का ।

 यह दर्द का क्यों ,मैंने है तुमसे पाया   तुम हो गए पराए ,मैं जान भी ना पाया  -२ रिश्ता है दर्द का क्यों.......................        थी जो खता हमारी ,मुझको तो यह बताते        थी जो कसम तुम्हारी ,एक बार उसको लाते -२        मन में क्या आया तेरे ,मैं तो समझ न पाया        रिश्ता यह दर्द का क्यों ........................  विस्वास को हमारे ,किसकी नजर लगी है  रोता हूं हर पल मै तू ,हंसती हुई खड़ी है -२ क्या पाया जग में ऐसा ,मैं तो न जान पाया  रिश्ता यह दर्द का क्यों ...........................          किस्मत का खेल है ऐसा, जिसमें तो मै फसा हूं          इल्जाम है हजारों ,माथे पर ले खड़ा हूं -२         क्या दोष है हमारा ,अब तक न जान पाया          रिश्ता यह दर्द का क्यों .........................  तू खुश रहे सदा ही, जीवन भर यह कहूंगा  जाता हूं जग से तेरे ,अब फिर ना मैं मिलूंगा -२...

राजनैतिक हास्य व्यंग(हिन्दी)। वोटो के दौर में।

वोटों के दौर में, अपनी तारीफों के होड़ में  एक बार एक नेता जी, मेरे कस्बे में आए उनके साथ उनके कुछ चमचे भी उनके साथ आए  प्रभात ने सोचा, क्यों ना नेताजी को सुना जाए  राजनीत देखी लाखों की, इन पर भी समय बर्बाद किया जाए  इसी लालसा में मैं, आगे बढ़ता गया  धीरे-धीरे स्टेज तक पहुंचता गया,  तभी स्टेज से एक जोरदार आवाज आई नेता जी की जय हो, एक चमचे ने आवाज लगाई  इसी जयकारे के साथ, नेताजी खादी लपेटे स्टेज पर आ गए                               माइक पर हाथ जोड़ कर बोले  मैं 5 साल बाद फिर आपके दर पर आया हूं  थोड़ी झोली खाली है, उसको भरने आया हूं  पहले चुनाव में वोट देकर, आपने मुझको जिताया था  फिर 5 साल तक हमें, आपका चेहरा ना याद आया था  बस आज भी एक वोट का सवाल है मुझको अपना वादा याद है  मैं इस दुनिया से बेरोजगारी मिटा दूंगा  सभी को रोजगार दिलाऊंगा  और इसी बेरोजगारी में मैं भी लाखो कमाऊंगा  मुझे एक मौका और दिला देना, मेरे साथ पुस्तो की बेरोजगार...