गजल (हिन्दी) हाल जैसा हुआ है हमारा

हाल जैसा  हुआ है हमारा ,हाल ना यह किसी का  होये 
जैसे रोया दिल यह हमारा, ऐसा दिल ना किसी का  रोए
 हाल जैसा हुआ है हमारा 
क्या यह खता थी हमारी, प्यार उनको सदा ही किया था
 प्यार को ही पूजा समझी, सब अपना कुर्बा किया था
जैसी खाई ठोकर मैंने, ऐसी हालत किसी की ना होये
जैसे रोया है दिल है हमारा -------------+----------
दूर बैठे हैं मुझसे वो इतने ,फिर भी दिल उनको बुलाएं 
जख्म खाए हजारों है मैंने ,फिर भी दिल न उन्हें भूल पाए 
जैसे तड़पा यादों में मैं , ऐसा दिल न किसी का होये
हाल जैसा हुआ है हमारा------------------------
 प्रभात करता दुआ उस रब से , जीवन खुशियों से उनका भरे अरमा हो जो दिल मे उनके, अरमा पूरे वो रब सब करे
जैसे पाया साथी  मैंने, ऐसा साथी किसी का ना होए 
हाल ऐसा हुआ है हमारा , -------------------

                           (प्रभात द्विवेदी) 

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