गजल (हिन्दी) मुबारक तुम्हे हो नया अब जमाना
मुबारक तुम्हें हो, नया अब जमाना
ना आएगा साथी, यह दर पर दुबारा
मुबारक है तुम्हें हो------------------
न अफसोस करना ,न अफसोस मुझको
खुशी तूने पाई ,खुशी आज दिल को
मिटा दूंगा लव से, तेरा वो फसाना
मुबारक तुम्हें हो नया ---------------
ना दिल में कभी एक, गम तुम लाना
हो गम पास जितने, वो मुझको पिलाना
न है वक्त पहला, यह गुजरा दोबारा
मुबारक तुम्हे हो नया -----------------
जो तुमने कहा है ,सदा याद होगा
न लब पर मेरे अब ,तेरा नाम होगा
मेरे गम की दुनिया में ,आंसू सहारा
मुबारक तुम्हें हो नया -----------------
(प्रभात द्विवेदी)
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