आरती (हिन्दी) दया कर दो प्रभु मुझ पर

दया कर दो प्रभु मुझ पर, सहारा आपका मुझको
 शरण में मैं पड़ा हूं अब, सहारा आपका मुझको
 दया कर दो प्रभु मुझ पर-----------------------
       है जग में क्या प्रभु ऐसा ,जो तुम कर नहीं सकते 
       खड़ा हो दर जो तेरे ,तुम ठोकर दे नहीं सकते
       न जग में और कोई दूजा ,सहारा आपका मुझको 
        शरण में मैं पड़ा हूं ---–------------------------
 घिरा हूं मैं मुसीबत से ,मेरा उद्धार तुम कर दो
फंसी मझधार में नैया ,उसे तुम पार अब कर दो 
सुनो बिनती प्रभु मेरी , सहारा आपका मुझको 
शरण में मैं  पड़ा हू----------------------------
      तेरी नजरों में प्रभु वर, कोई छोटा ना होता है 
       पुकारे जो तुझे दिल से ,तू उसके पास होता है
       यह नजरें देखती रास्ता ,सहारा आपका मुझको 
      शरण में प्रभात पड़ा हैै----------------------------
                                 प्रभात द्विवेदी

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